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Wednesday, October 16, 2013

ज्योतिष शास्त्र में कर्ज योग :


१ जन्मकुंडली में छठे भाव को कर्ज का मन जाता है ! यदि किसी जातक की कुंडली में छठवे भाव के अधिपति का  छटवे भाव से छटवे भाव के अधिपति के किसी भी प्रकार से सम्बन्ध स्थापित हो जाये तो ऐसा जातक आजीवन कर्जदार रहता है !
२ यदि धन भाव में पापग्रह स्थित हो, लग्नेश बारहवे भाव में स्थित हो तो ऐसा जातक कर्जदार रहता है !
३ यदि धन भाव का अधिपति अपनी नीच राशी में स्थित हो  और छटवे भाव पर शुभ ग्रह का प्रभाव हो तो ऐसा जातक आजीवन कर्जदार रहता है !
४ छटवे भाव का अधिपति शनि के साथ स्थित हो अथवा शनि से उसका किसी भी प्रकार का सम्बन्ध स्थापित हो जाये तो ऐसा जातक कर्जदार रहता है !

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